खर्चीला या कंजूस? बच्चों के पैसे के बारे में व्यवहार बचपन में बनते हैं

फ़रवरी 2, 2018
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खर्चीला या कंजूस? बच्चों के पैसे के बारे में व्यवहार बचपन में बनते हैं

एन आर्बर-यू.एस. दुनिया में सबसे अमीर देश है, फिर भी अर्थशास्त्रियों का अनुमान है कि कम से कम आधे अमेरिकी रिटाइअर करते समय अपनी मौजूदा जीवनशैली बनाए रखने के लिए पर्याप्त पैसा नहीं बचा पाये होगें।

अतः, इस प्रवृत्ति को बदलने के लिए शोधकर्ता यह समझना चाहते हैं कि लोग खर्च करने की आदत कैसे बनाते हैं, और कब।

मिशिगन यूनिवर्सिटी के एक नए अध्ययन में पाया गया कि 5-साल के बच्चें खर्च और बचत के बारे में अलग-अलग भावनात्मक प्रतिक्रियाएं रखते हैं, और ये वास्तविक जीवन व्यवहारों में बदलते हैं। यह भावनात्मक प्रतिक्रियाओं और व्यवहार उनके माता-पिता से अलग थे।

अध्ययन के प्रमुख लेखक क्रेग स्मिथ जो यू-एम सेंटर फॉर ह्यूमन ग्रोथ एंड डेवलपमेंट में रिसर्च अन्वेषक हैं कहते हैं कि खर्चीले से कंजूस के स्केल का उपयोग लंबे समय से युवाअों की भावनात्मक प्रतिक्रियाओं को मापने के लिए किया गया है।

उन्होंने कहा, कंजूस खर्च करते समय भावनात्मक दर्द अनुभव करते हैं, अौर खर्चीलो में भावनात्मक ब्रेक प्रणाली नही होती है, जिसके परिणामस्वरूप वे अधिक कर्जदायी होते है।

अध्ययन में, स्मिथ और सहकर्मियों ने बच्चों के लिए स्पेंडथ्रिस्ट-टेटवेड स्केल बनाया, और 225 बच्चों को उनके भावुक प्रतिक्रियाओं को बचत और खर्च करने के बारे में विभिन्न सवाल पूछे।

“हमने देखा कि, 5 से 10 साल के बच्चों में, खर्च और बचत के प्रति भावनात्मक प्रतिक्रिया एक उपयोगी भविष्यवक्ता है कि आप अपने पैसे से क्या करते हैं, और ये भावनात्मक प्रतिक्रिया वास्तविक व्यवहार की भविष्यवाणी है यह कन्ट्रोल करने के बाद कि कितने बच्चे को दुकान के सामान कितना पसंद आया, “स्मिथ ने कहा।

दूसरे शब्दों में, भले ही र्खर्चीले बच्चे को कोई वस्तु कुछ पसंद आई लेकिन फिर भी उसे खरीदने की संभावना अधिक थी।

“बच्चे इस बात में वयस्कों के समान है कि आइटम कितना पसंद करते हैं, खर्च और बचाने के बारे मे उनके भावनात्मक अभिविन्यास से अनुमान लगाया जाता है कि वे खर्च करते हैं या बचाते हैं,” स्मिथ ने कहा।

स्मिथ आश्चर्यचकित थे कि बच्चों अपने भावनात्मक प्रतिक्रियाओं की सही रिपोर्ट कर सकते है।

“हमें इतने छोटे बच्चों में यह उम्मीद नही थी, और यह विकास संबंधी कई तरह के प्रश्न उठाता है,” उन्होंने कहा। “इन झुकावों को कैसे विकसित किया जाता है? क्या वे स्वभाव से जुड़े हुए हैं, स्वाभाविक रूप से घटित हैं, या वे मॉडलिंग के व्यवहार से सीख चुके हैं?”

अगर बच्चों में खरीदने का सामर्थ्य नहीं है, तो खर्च और बचत को उनके दृष्टिकोणों से क्यों देखें? क्योंकि शुरुआती खर्च के व्यवहार से जीवन में बाद में खराब वित्तीय फैसलों को दिखाया जा सकता है, स्मिथ ने कहा। लोगों को सही वित्तीय ट्रैक पर लाने के लिए जल्द से जल्द हस्तक्षेप करना महत्वपूर्ण है।

माता-पिता ने स्पेंडथ्रिस्ट-टेटवेड स्केल का ऐडल्ट संस्करण पूरा किया, और शोधकर्ताओं को माता-पिता और उनके बच्चे के प्लेसमेंट के बीच कोई महत्वपूर्ण संबंध नहीं मिला। स्मिथ ने कहा कि बच्चे के पैमाने ने अलग-अलग प्रश्न पूछे थे। इस संबंध का अधिक सावधानी से परीक्षण करने के लिए एक अध्ययन चल रहा है।

भविष्य में, वे बच्चों के खर्च करने के साथ अनुभव को एक संभावित महत्वपूर्ण चर के रूप में मापने की योजना बना रहे हैं।

“बचपन में खर्चीला या कंजूस: बच्चों के खर्च करने की भावनाएं से वित्तीय निर्णय का पूर्वानुमान करना” जर्नल आफ बिहैव्यरल डिसिश़न मैकिंग में प्रकाशित होने वाला हैं। सह-लेखकों में मार्गरेट इक्बेलबर्गर और सूसन गेलमैन डिपार्टमेंट ऑफ साइकोलॉजी और रॉस स्कूल ऑफ बिजनेस के स्कॉट रिक शामिल हैं।

अधिक जानकारी:

  • अध्ययन: बचपन में खर्चीला या कंजूस: बच्चों के खर्च करने की भावनाएं से वित्तीय निर्णय का पूर्वानुमान करना
  • क्रेग स्मिथ
  • मानव विकास और विकास केंद्र
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