बीमारी से ज्यादा जानलेवा तो सडकें हैं

फ़रवरी 26, 2014
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अकरा, घाना में यातायात भीड़भाड़. (शेयर छवि)

एन आर्बर: जब भी आप भारत की सड़कों पर दुर्घटना और मौत की खबर पढ़ें तो इस बात को स्वीकार करें कि दुनिया में मौत की तीन सबसे बड़ी वजह कैंसर, हृदय रोग और आघात के मुकाबले कुछ देशों में खस्ताहाल सड़कें लोगों के लिए कई ज्यादा जोखिम भरी हैं।

दुनिया में प्रति एक लाख आबादी के मौत के आंकडे के मुताबिक सडक दुर्घटनाओं में होने वाली मौत गंभीर बीमारी से मौतों के मुकाबले ज्यादा हैं।
सडक दुर्घटनाओं में सबसे ज्यादा मौतें विकासशील देशों में होती हैं। मिशिगन विश्वविद्यालय ट्रांसपोटेशन रिसर्च इंस्टीट्यूट के अनुसंधानकर्ताओं के मुताबिक, अफ्रीका के देश नामीबिया और चाड में प्रति 100,000 आबादी में सडक दुर्घटना में मरने वालों की संख्या सबसे ज्यादा है।
सबसे खराब सड़कों में दुर्घटना से मृत्यु दर वाले टाप १० देशों में मध्य पूर्व और लैटिन अमेरिका शामिल हैं।  तुलनात्मक रूप से , अमेरिका और कनाडा 2 प्रतिशत से नीचे और कई यूरोपीय देश 1 प्रतिशत से नीचे रहे हैं।

विश्व स्वास्थ्य संगठन से हासिल आंकडे का इस्तेमाल करते हुए अनुसंधानकर्ताओं मिशेल सिवाक और ब्रांडन स्कॉटेल ने कैंसर, ह्वदय रोग और आघात से होने वाली मौत के आंकडों से सडक दुर्घटनाओं में हुई मौत के आंकडों से तुलना की। अनुसंधानकर्ताओं ने पाया कि दुर्घटना मौत के मामले में अफ्रीका, और मध्य पूर्व के कुछ देशों की हालत अत्यंत खराब है।
भारत यातायात दुर्घटनाओं और मौतों की एक उच्च संख्या के लिए जिम्मेदार है ।

उम अध्ययन में चार कारणों से प्रत्येक के लिए 100,000 की आबादी प्रति दुनिया भर में मौत दरें इस प्रकार हैं : सड़क दुर्घटनाओं से 18 , कैंसर से 113 , हृदय रोग से 108 और स्ट्रोक से 91। अमेरिका दरें क्रमश: 14 , 189 , 143 और 47, हैं।

कुल मिलाकर, दुनिया भर में सभी कारणों से सभी से मौत में 2 प्रतिशत मौत यातायात दुर्घटना से होती हैं।

” इस अध्ययन के परिणाम से संकेत मिलता है कि सड़क सुरक्षा दुनिया के कई भागों में सार्वजनिक स्वास्थ्य का एक बहुत अन्डर अप्रीशीऐटिड हिस्सा हैं, ” सिवाक ने कहा।

अध्ययन: http://deepblue.lib.umich.edu/handle/2027.42/102731